तडप
ऐसी शिरकत की इस मजमे में कि,
सदियाँ बीत गयीं चराग-ए-इश्क बुझाने में,
ऐसा सैलाब उमडा तकदीर का,
कि कोई बता न सका कितनी देर लगेगी उसको आने में,
अब तो रूह तडपती है बेहिसाब, कि चैन नहीं आता।।
एक त्रिवेणी
(कृतेः १३॰०७॰२००६)
DREAM IS NOT WHAT YOU SEE IN SLEEP. IT IS THE THING THAT DOESN'T LET YOU SLEEP.
ऐसी शिरकत की इस मजमे में कि,
सदियाँ बीत गयीं चराग-ए-इश्क बुझाने में,
ऐसा सैलाब उमडा तकदीर का,
कि कोई बता न सका कितनी देर लगेगी उसको आने में,
अब तो रूह तडपती है बेहिसाब, कि चैन नहीं आता।।
एक त्रिवेणी
(कृतेः १३॰०७॰२००६)
पर शुक्रवार, दिसंबर 08, 2006 प्रस्तुतकर्ता अभिषेक पाण्डेय
1 टिप्पणी:
man u are simply great
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